
गली क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 का तीसरा संस्करण 20 अप्रैल से शुरू होगा
यह टूर्नामेंट नशा मुक्त भारत अभियान को मजबूत करेगा और टीम की बेंच स्ट्रेंथ को सशक्त करेगा: संजय टंडन, अध्यक्ष, यूटीसीए ·
600 से अधिक टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले 7200 से अधिक युवा क्रिकेटर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे
युवाओं को करियर की नई राह मिलेगी, छोटे-मोटे अपराधों पर लगाम लगेगी: आईजी चंडीगढ़ पुलिस
चंडीगढ़, 26 मार्च, 2025: यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) और चंडीगढ़ पुलिस ने आधिकारिक तौर पर ‘गली क्रिकेट टूर्नामेंट 2025’ के तीसरे संस्करण के शुभारंभ की घोषणा की है, जो 20 अप्रैल से शुरू होगा। इस वार्षिक टूर्नामेंट का उद्देश्य चंडीगढ़ के युवाओं में क्रिकेट के प्रति जुनून को बढ़ावा देना है, साथ ही ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का समर्थन करना और छोटे-मोटे आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है। इस वर्ष, 14 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 7200 युवा क्रिकेटरों का प्रतिनिधित्व करने वाली कुल 600 टीमें भाग लेंगी और इस रोमांचक कार्यक्रम में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। टूर्नामेंट को नगर निगम, समाज कल्याण विभाग, खेल विभाग, शिक्षा विभाग और चंडीगढ़ प्रशासन का समर्थन प्राप्त है। इस विशाल भागीदारी के साथ, आयोजकों का लक्ष्य इस आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराना है। इस संस्करण को एलेंजर्स, टाइनोर, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक और अन्य द्वारा मजबूत किया जा रहा है।
टूर्नामेंट का उद्घाटन यूटी प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया करेंगे। खिलाड़ियों की सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए शहर भर में 20 स्थानों पर मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के लिए पंजीकरण चंडीगढ़ के सभी पुलिस थानों के माध्यम से किया जा रहा है और टीम रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 7 अप्रैल है।
यूटीसीए के अध्यक्ष संजय टंडन ने जोर देकर कहा कि गली क्रिकेट टूर्नामेंट एक अनूठी पहल है जिसका उद्देश्य कॉलोनियों और सेक्टरों के युवाओं की क्रिकेट क्षमता को उभारना है। यूटीसीए का लक्ष्य न केवल इन युवा क्रिकेटरों को एक मंच प्रदान करना है, बल्कि प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना और उन्हें निखारना भी है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर के बीसीसीआई टूर्नामेंट में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिले। यूटीसीए के चयनकर्ताओं का पैनल टूर्नामेंट की बारीकी से निगरानी करेगा और सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को आयोजन के बाद आगे का मार्गदर्शन और समर्थन मिलेगा। टंडन ने कहा कि यह पहल नशा मुक्त भारत अभियान का एक अभिन्न अंग है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे और छोटे-मोटे अपराधों से दूर रखना है।
इस अवसर पर मौजूद आईजी आरके सिंह (आईपीएस), एसएसपी कंवरदीप कौर (आईपीएस) और एसएसपी सिटी गीतांजलि खंडेलवाल (आईपीएस) ने समाज को आकार देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट युवाओं की ऊर्जा को खेल जैसी उत्पादक गतिविधियों में लगाने का एक बेहतरीन अवसर है, जिससे आपराधिक व्यवहार और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को कम करने में मदद मिलती है।
पूरे टूर्नामेंट के दौरान यूटीसीए की वेबसाइट और ऐप के माध्यम से ऑनलाइन स्कोरिंग उपलब्ध रहेगी। पिछले साल आयोजित इस टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण 302 टीमों की भागीदारी के साथ एक जबरदस्त सफलता थी, जिसने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना स्थान बनाया।
इस अवसर पर टूर्नामेंट के चेयरमैन रविंदर सिंह बिल्ला, सचिव देवेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष सीए आलोक कृष्ण, वरिष्ठ सदस्य हरि सिंह खुराना, युवराज महाजन, चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, आरएस कंवर, एमडी, एलेंजर्सऔर एमसी और चंडीगढ़ प्रशासन के नोडल अधिकारी मौजूद थे।